Jai Ambey Jai Jagdambe
Pragya Geet Mala - All Songs

जय अम्बे जय जगदम्बे

जय अम्बे जय जगदम्बे, जय अम्बे जय जगदम्बे।
भक्तिदायिनी, शक्तिदायिनी, हे! अम्बे॥

सर्वश्रेष्ठï यह मानव जीवन, बने परम पद का यह साधन।
प्रभु को देखें घट-घट व्यापी, वह सेवक कैसे हो पापी॥
यही दृष्टिï दो हे अम्बे॥१॥
ठगे नहीं खुद भी न ठगावें, दुर्मति तजें न दुर्गति पावें।
पाप काट दें, पुण्य बढ़ावें, जीवन मुक्ति सहज ही पावें॥
यही साधना दो अम्बे॥२॥
जो अनीति करते वो रोते, वही काटते जैसा बोते।
ममता समता शुचिता लायें, इस जीवन को धन्य बनायें॥
यही भावना दो अम्बे॥३॥
देवसंस्कृति के निर्माता, यज्ञ पिता गायत्री माता।
घर-घर सद्विचार फैलायें, जन-जन को सत्कर्म सिखायें॥
प्रखर कर्म दो अम्बे।।


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Pradeep Kumar Sahoo
2013-12-29 23:51:57
Matrusakti can give everything to her child.
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Duration : 4:36