Aaj Me Jojiya So
Pragya Geet Mala - All Songs

आज में जो जिया सो जिया आदमी

आज में जो जिया सो जिया आदमी
कल का रोना क्यों रोये भला आदमी,
आज में जो जिया सो जिया आदमी।।

बीते कल की किया याद रोता रहा
आते कल के लिया था विकल आदमी,
कल ही कल में कलपता रहा क्यों अरे,
आज को छोड़कर चल दिया आदमी।

आज में जो जिया सो जिया आदमी।।

कल मिला है किसे आज को भूलकर,
सोचता है नहीं क्यों अरे आदमी।
काल का कौर हर बार बनता रहा,
रोज ख्वाबों में भटका दिया आदमी।

आज में जो जिया सो जिया आदमी।।

योग को छोड़ भजता रहा भोग को,
रोग में रोज फंसता रहा आदमी।
होश आया के जब उम्र झुकने लगी,
जीत कर हो विफल रो दिया आदमी।

आज में जो जिया सो जिया आदमी।।

और के दोष गिनता रहा रात दिन,
पाप से भर रहा झोलियां आदमी।
रोशनी का पता पूछता और से,
देख तू ही है जलता दिया आदमी।

आज में जो जिया सो जिया आदमी।।

स्वार्थ के फांस में फंस गया जो अरे,
गाता अपना स्वयं मर सिया आदमी।
लोक हित के लिए जो हलाहल पिए,
शुभ अमित पुत्र वो बन गया आदमी।

आज में जो जिया सो जिया आदमी।।


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suryakant
2014-03-30 14:00:12
this is the fact of 99% common person.
Hemu
2014-03-28 09:22:35
very nice
brijesh kashyap
2012-09-08 13:21:07
nice
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Duration : 6:50