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Aadat Buri Sudhar Lo Bas
Pragya Geet Mala - All Songs

आदत बुरी सुधार लो
आदत बुरी सुधार लो, बस हो गया भाजन।
मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन।।
दृष्टि में तेरे दोष है, दुनियाँ निहारती।
समता का अंजन आँज लो।। ..बस हो गया...।।
आए कहाँ से और अब, जाना कहाँ तुम्हें।
मन में यही विचार लो।। ..बस हो गया ...।।
नेकी सभी के साथ में, जितनी बने करो।
मत सिर बदी का भार लो।।.. बस हो गया...।।
कटुता मनों से त्याग दो, मीठे वचन कहो।
वाणी का स्वर सुधार लो।।..बस हो गया...।।
अच्छे बुरे जो भी तुम्हें, कर्मों के फल दिये।
हँसकर सभी गुजार लो।।..बस हो गया...।।
मुक्तक :-
निरंतर स्वस्थ चिंतन हो, यही सबसे बड़ा जप है।
न उतरा आचरण में जो, समूचा ज्ञान गपशप है।।
रहें भूखे मगर फिर भी, न खायें पाप की रोटी।
बचें बुरी आदतों से यही इस युग का बड़ा तप है।।


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Duration : 9:07