Humne Payi Thah Aaj Maa
Pragya Geet Mala - All Songs

हमने पायी थाह आज माँ

हमने पायी थाह आज माँ-तेरे मन की पीर की।
चले चदरिया ओढ़ बसन्ती-हम बलिदानी वीर की॥
यही बसन्ती चादर ओढ़ी-नानक ने रैदास ने।
ऊँच नीच का भेद मिटाया-था श्रद्धा विश्वास ने॥
सियाराम-मय सारे जग को-जाना तुलसीदास ने।
मोको कहाँ ढँूढ़ता बन्दे-मैं तो तेरे पास में॥
गँूज उठी थी इसी वेश में-वाणी सन्त कबीर की॥

पहना था यह वेश बसन्ती-जब रणवीर प्रताप ने।
छुड़ा दिये छक्के दुशमन के-फिर चेतक की टाप ने॥
इसी वेश में निकले बिस्मिल-भगतसिंह आजाद थे।
किये निछावर प्राण न लेकिन, मुख पर दु:ख अवसाद थे।
कड़ी बनेंगे हम भी बलिदानों-की उस जंजीर की॥

गये विवेकानन्द विश्व में-इस बासन्ती वेश में।
फहरायी थी ध्वजा देवसंस्कृति की देश विदेश में॥
वह संस्कृति जिसकी सुगन्ध पर, जन-जन को अभिमान था।
जिसके कारण मिला जगद्ïगुरु-का हमको सम्मान था॥
जिसके सम्मुख गन्ध न भायी-चन्दन और अबीर की॥

माँ है शपथ तुम्हारी-हम सब जायेंगे संसार में।
मन न कि से निकल पड़े-हम इस बासन्ती वेश में।
पायेगा संसासी का रहने देंगे-भँवरों में मझधार में॥
शान्तिकुञ्ज से शान्ति अब-गुुरुवर के सन्देश में॥
चिन्ता रही न हमको धन की-साधन और शरीर की॥
Inspirational,Patriotic song!!Song sang for selection of life path by disciples.


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Amrendra yadav
2018-10-13 08:25:39
Pyp bihar Patna se
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Duration : 8:00