Bahut So Chuki Ab
Pragya Geet Mala - All Songs

बहुत सो चुकी अब तो जागो
बहुत सो चुकी अब तो जागो, ओ नारी कल्याणी।
परिवर्तन के स्वर में भर दो, निज गौरव की वाणी।।
बन कौशल्या आज देश को, फिर से राम महान् दो।
और सुनयना बनकर फिर से, सीता सी सन्तान दो।।
वीर जननि हो तुम सन्तानें, अर्जुन, भीम समान दो।
भारत माता माँग रही है, वापस उसकी शान दो।।
केवल तुम ही बन सकती हो, नूतन युग निर्माणी।।
मार्ग भ्रमित जितने तुलसी हैं, सबको दो ललकार।
रत्नावली तुम्हारा गौरव, तुमको रहा पुकार।।
कालिदास सम सोई प्रतिभा, सकती तुम्हीं निखार।
महानता की देवी तुमको, जगती रही निहार।।
बनो प्रेरणा राह देखता, जग का प्राणी-प्राणी।।
जीजाबाई बनो देश को, वीर शिवा की है फिर चाह।
सिवा तुम्हारे कौन बताये, बलिदानी वीरों को राह।।
अगर न अब भी निद्रा त्यागी, होगी यह जगती गुमराह।
वह जौहर दिखलाओ फिर से, जग के मुँह से निकले वाह।।
रच दो अपनी गौरव गरिमा, की फिर नयी कहानी।।
बनो अहिल्याबाई अपनी, आत्मशक्ति फिर दिखलाओ।
लक्ष्मीबाई बन अनीति का, गर्व चूरकर बतलाओ।।
दुर्गावती बनो शासन की, डोर थामने आ जाओ।
सावित्री बन आज सत्य को, यम से पुन: छुड़ा लाओ।।
नयी सदीं की नींव तुम्हीं को, अब तो है रखवानी।।
मुक्तक:-
उठो-उठो हे मातृशक्ति अब, समय प्रभाती सुना रहा है।
ओ देवी दुर्गे तुम्हीं हो नारी, तुम्हारा गौरव बुला रहा है।।
Nari = New Era Ki creator..


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chandi
2018-12-22 16:28:40
good
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Duration : 7:29