Tu Sat Chit Aanand May
Pragya Geet Mala - All Songs

तू सत्चित आनन्दमयी
तू सत्चित् आनन्दमयी है-यह सबको बतलायें॥
ऐसी शक्ति हमें दो माता-हम तेरे गुण गायें॥

जग में जो कुछ सत्य-नित्य है, वह तेरी ही छाया।
उसको ही परिवर्तित करती-रहती तेरी माया॥
समझ सकें तेरे रहस्य सब-हम जग को समझायें॥

तेरा ही तप-तेज चमकता-सूरज की किरणों में।
मिलती प्राणों को चेतनता-तेरे ही चरणों में॥
स्वयं रहें गतिमान और सबको गतिमान बनायें॥

है आनन्द रूप तू जननी, जिसके हित अकुलाता।
उसे प्राप्त करने इन्सान, न क्या-क्या खेल रचाता॥
सबको दें आनन्द और, हम भी उस बीच समायें॥
तेरा यह स्वरूप प्रज्ञामय-हम सब समझ न पाते।
तुझसे दूर हुए हैं माता-इसीलिए दु:ख पाते॥
अपने को तुझमें लय कर दें-तुझे स्वयं हम पायें॥


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vimal
2019-01-05 13:14:54
hridya ko chchoo jata hai
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Duration : 4:28