Jab Tak Karuna Pighal Na Jaye
Pragya Geet Mala - All Songs

जब तक करुणा पिघल

जब तक करुणा पिघन न जाये, चाव दरश के पलते रहना।
जब तक मिले न प्रभु का मन्दिर, दीपक तब तक जलते रहना।।
निकल पड़े तो मंजिल पाना, मानवत्व का स्वाभिमान है।
मन चाहा पा लेने में ही, इस जीवन की रही शान है।
जब तक मिले न लक्ष्य अनश्वर, राही! पथ पर चलते रहना।।
उस गागर की उमर बड़ी है, पनघट पर निशान जो छोड़े।
जलधारा भी वही श्रेष्ठ है, जो धरती अम्बर को जोड़े।
जब तक बुझे न प्यास सिन्धु की, हिमगिरि तुम नित गलते रहना।।
नहीं अँधेरा नियति हमारी, हम चिर ज्योति पुञ्ज के सुत हैं।
हमको सतत् प्रकाश चाहिए, मूल्य चुकाने हित प्रस्तुत हैं।।
जब तक मिले न सविता भास्कर, मेरे प्राण पिघलते रहना।।
मुक्तक :-
भावना हो प्रखर तो, संकल्प का सम्बल मिलेगा।
दृढ़ अगर संकल्प हो तो, साधना का फल मिलेगा।।
साधना के साथ उर में, भक्ति को लाना पड़ेगा।
भक्त के आह्वान पर, भगवान् को आना पड़ेगा।।
Keep Moving On Untill You Reach Your Target..


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Duration : 6:55