Agar Ham Nahi Desh Ke Kaam
Pragya Geet Mala - All Songs

अगर हम नहीं देश के
अगर हम नहींं देश के काम आये।
धरा क्या कहेगी गगन क्या कहेगा?
चलो श्रम करें देश अपना संवारें।
युगों से चढ़ी जो खुमारी उतारें॥
अगर वक्त पर हम नहीं जाग पाये।
सुबह क्या कहेगी पवन क्या कहेगा?
मधुर गंध का अर्थ है खूब महके।
पड़े संकटों की भले मार चहके॥
अगर हम नहीं पुष्प सा मुस्कराये।
व्यथा क्या कहेगी चमन क्या कहेगा?
बहुत हो चुका, स्वर्ग भू-पर उतारें।
करें कुछ नया, स्वस्थ सोचें विचारें॥
अगर हम नहीं ज्योति बन झिलमिलाये।
निशा क्या कहेगी भुवन क्या कहेगा॥
मुक्तक
हे ईश! भारतवर्ष में, शत् बार हमारा जन्म हो।
कारण सदा ही मृत्यु का, देशीय कारक कर्म हो।।
यदि देश हित मरना पड़े, हमको सहस्त्रों बार भी।
तो भी न हम इस कष्ट को,निज ध्यान में लायें कभी।।
The importance of time."Giving up pride means giving all credit and glory to Guru and supreme.


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Duration : 4:26