Hum Badlenge Yug Badlega
Pragya Geet Mala - All Songs

हम बदलेगें युग बदलेगा
हम बदलेगें, युग बदलेगा, यह सन्देश सुनाता चल।
आगे कदम बढ़ाता चल, बढ़ाता चल, बढ़ाता चल॥
अन्धकार का वक्ष चीरकर, फू टे नव प्रकाश निर्झर।
प्राण-प्राण में गँूजे शाश्वत, सामगान का नूतन स्वर॥
तुम्हें शपथ है हृदय-हृदय में, स्वर्णिम दीप जलाता चल।
स्नेह सुमन बिखराता चल तू, आगे कदम बढ़ाता चल॥
पूर्व दिशा में नूतन युग का, हुआ प्रभामय सूर्य उदय।
देव दूत आया धरती पर, लेकर सुधा-पात्र अक्षय॥
भर ले सुधा-पात्र तू अपना, सबको सुधा पिलाता चल।
शत्-शत् कमल खिलाता चल तू, आगे कदम बढ़ाता चल॥
ओ! नवयुग के सूत्रधार , अविराम सतत् बढ़ते जाओ।
हिमगिरि के ऊँचे शिखरों पर, स्वर्णिम केतन फहराओ॥
मंजिल तुझे अवश्य मिलेगी, गीत विजय के गाता चल।
नव चेतना जगाता चल तू, आगे कदम बढ़ाता चल॥
मुक्तक :-
यह राग द्वेष का समय नहीं, दुखियों का दर्द मिटाता चल।
युग परिवर्तन की बेला में, तू सबको गले लगाता चल।।
महानिशा के इस घेरे में, दीप पुञ्ज फैलाता चल।
सत्यम्, शिवम, सुन्दरम् पथ पर, आगे कदम बढ़ाता चल।।
We Will Change Ourselves And change This Age Too..


Comments

Post your comment
Jitendra kumar
2018-11-13 06:44:47
Wah....

2013-10-30 21:07:00
Info
Song Visits: 4706
Song Plays: 0
Song Downloaded : 0
Song
Duration : 5:45