Ab Navyug Ki Gangotri Se
Pragya Geet Mala - All Songs

अब नवयुग की गंगोत्री से, बही ज्ञान की धारा है।
हम युग का निर्माण करेंगे, यह संकल्प हमारा है॥

गुरुसत्ता ने थकी मनुजता, को नूतन विश्वास दिया।
पतितों के उद्धार के लिए, उनने सदा प्रयास किया।
उनकी ही कारण सत्ता का, हमको सतत् सहारा है॥
हैं दीपक की तरह जलें हम, करने युग निर्माण चले।
जलती हुई मशाल हाथ में, लेकर अमर निशान चले।
आज असुरता के विनाश को, चमका यही दुधारा है॥
धरती के कोने-कोने में, गली-गली मे जायेंगे।
तपी हवाओं से मुरझाई, कली-कली विकसायेंगे।
गुरु का चिंतन दु:खी मनुजता, की शीतल रसधारा है॥
नया ज्ञान का सूर्य उगेगा, तिमिर नहीं रह पायेगा।
मानव में देवत्व जगेगा, स्वर्ग धरा पर आयेगा।
अंधकार कितना ही हो पर, सूरज कभी न हारा है॥

मुक्तक-
ब्रह्मïकमण्डल से धरती पर, उतर सुरसरी आई।
नवयुग के शंकर ने जिसके,लिए जटा फैलाई॥
हम उसका अमृत जल लेकर,जन-जन तक जायेंगे।
शाप मुक्त करने की अब तो,हमने शपथ उठाई॥


Comments

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Sunil
2018-09-22 17:09:42
Song
Sunil
2018-09-22 17:08:35
Song

2014-02-24 00:33:30

2013-10-20 19:22:40
Harish singh
2013-01-20 17:38:26
Not good,nor best, but better song.
KIRTI KUMAR
2012-09-16 19:47:08
very-very beautiful song,sangeet to yesa hona chahiye jo atma ko choo le.

2012-08-05 21:35:34
Krishna kumar kashyap
2012-08-05 21:33:05
Gayatri pariwar k sangeet se achchha dunia me koi bhi sangeet na bana hai aur na kabhi ban paayega.jai gurudev
Ketan thanki
2012-07-23 16:22:53
Very nice Geet
vipin mandloi
2012-03-21 18:12:04
nice song
Prashant
2012-01-30 11:27:31
Amazing Song.
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Duration : 6:32