Jut Jayen Hum Sab Milkar Ke
Pragya Geet Mala - All Songs

जुट जायें हम सब मिलकर के
जुट जायें हम सब मिलकर के, नवयुग के निर्माण में।
आओ हम खुशहाली बो दें, फिर से इसी जहान में॥
ये धरती है पूज्य हमारी, ये हम सब की माता।
हर किसान इसके वरदानों, से दाता कहलाता।
ये वरदान हमें मिलते हैं, खेतों में खलिहान में।।
सब बेटे मिल आज सँवारें, धरती माँ के रूप को।
सहते जाते हँसते-गाते, जाड़ा, पानी, धूप को।
बहे पसीना तन से श्रम का, माता के स्नान में।।
माँ को लहराती फसलों की, हरियाली हम दे जायें।
मस्ती में माँ की महिमा के, सब मिलकर के गुण गायें।
फूल झरायें हम पूजा के, माँ की हर मुस्कान में।।
जो प्रसाद हमको माता दे, खुद खायें सब को बाँटे।
माता के वरदानों से हम, जन-जन के सङ्कट काटें।
दर्शन करें अन्नदाता के, सब ही श्रेष्ठ किसान में ।।
कहीं न ऐसा हो कि हमारे, रहते माँ बदनाम हो।
रहते हुए अन्नदाता के, कहीं न भूखी शाम हो।
व्रत लें दाग न लगने देंगे, माँ की पावन शान में।।
मुक्तक :-
ध्वंस धरा पर उतरकर, आज क्रीड़ा कर रहा है।
और उसके साथ चलकर, मनुज पीडित हो रहा है।।
मनुज जब संकल्प लेकर, तप सृजन के हित करेगा।।
तो स्वयं अपवर्ग आकर, धरा को शोभित करेगा।।


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GN Behera
2012-05-25 10:12:38
Ours GURJEE & MATAJEE is great just like God. What he has told earlier, now it has come in practice. His dedication cannot be compared with others.
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Duration : 6:59