Yug Rishi Ne Yug Ka Tam Harne
Pragya Geet Mala - All Songs

युगऋषि ने युग का तम हरने-क्रान्ति मशाल जलाई।
दृढ़ता की परिचायक इसको-थामे सबल कलाई॥
एक बार भर दिया प्राण रस-इसमें ऋषि ने अपना।
रहे प्रकाशित यह सदैव-देखा है ऐसा सपना॥
यह युग व्यापी अन्धकार तब-ही तो मिट पायेगा।
गौरव वह प्रकाश का फिर से-जग में जग जायेगा॥
तुम्हीं इसे प्रज्वलित रखोगे-ऐसी आश लगाई॥
याद रहे युग-युग तक इसका-स्नेह न चुकने पाये।
भले हमारे रक्त कोष की-बँूद-बँूद चुक जाये॥
हृदय न हो संकीर्ण-अंश अपना देते रहने में।
प्राण न सकुचाये जग में-अपना प्रकाश भरने में॥
युगों-युगों तक यह जगती में-फैलाये अरुणाई॥
संकल्पों की निष्ठïा इसको-थामे सदा रहेगी।
तम का अन्तिम संस्कार कर-जय की कथा कहेगी॥
ऊँचा सदा रहेगा हाथ न-नीचे कभी झुकेगा।
लक्ष्य प्राप्ति से पूर्व न सृजन-कारवां कभी रुकेगा॥
ज्योति रहे जगमग जगती पर-अरुण लालिमा छाई॥
मुक्तक-
मशालें क्रान्ति की तप, त्याग से ऋषि ने जलाई हैं।
बड़े अरमान लेकर सृजन सेना को थमाई हैं॥
जलाये रखें श्रम, साधन, समय, प्रतिभा लगाकर हम।
नये युग आगमन की यह, विधि ऋषि ने बताई है॥
Inspiring revolutionary song for Yug Rishi.


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Palak Maheta
2018-12-05 18:08:21
Songs of vishvamata audio cd

2014-02-24 18:32:23

2014-02-24 18:31:48
ajit
2014-02-24 18:31:00
Hemant Netam
2013-01-01 10:22:30
bahut hi achchha geet hai - jai gurudev
indra kumar suman
2012-07-01 19:02:12
this song is very sweet..
avdhesh
2012-06-28 13:02:25
very very spiritual song to in chance the dedication for gurudev and gyatri mata
vipin mandloi
2012-03-19 19:44:02
very very very good song i like
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Duration : 5:60