Bade Bhagya Se Manuj Tan Sitar
Pragya Geet Mala - All Songs

बड़े भाग्य से ये मनुज
बड़े भाग्य से, ये मनुज तन मिला था।
गँवाते-गँवाते, उमर पार कर दी॥
खाने कमाने में, आयु गँवाई।
यूँ ही जिन्दगी, हमने बेकार कर दी॥
अभी चेत जा, वक्त जो भी बचा है।
अरे काल मुख से, न कोई बचा है।।
जरा सोच लें, साथ ले जायेंगे क्या।
यूँ ही जिन्दगी, हमने है भार कर दी।।
है संसार सागर में, जीवन की नैया।
है पतवार सत्कर्म, सद्गुरु खिवैया॥
माया के चक्कर में, फँसकर के हमने।
जीवन की नैया, है मझधार कर दी॥
अगर चाहता, अपना कल्याण प्राणी।
तो ले मान सच्चे, सद्गुरु की वाणी।।
लगे अपना जीवन, सत्कर्म में अब।
अभी तक तो यह, उम्र बेकार कर दी।।
मुक्तक :-
साँस-साँस में भरा खज़ाना-अरे! इसे पहचानो रे।
सदुपयोग कर लाभ उठाओ-सीख सनातन माने रे।।


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Kamdeo Baghmar
2013-01-13 21:52:25
soul song,suniye aur chintan kijiye.
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Duration : 5:59