Har Har Narmade Arti
Pragya Geet Mala - All Songs

आरती ब्रह्यचारिणी की,
आरती ब्रह्यचारिणी की, नर्मदा तरण तारिणी की।


प्रकट हुई मेकलगिरी से आप,मिटाती मां जगके संताप।
आपका अदभुत अतुल प्रताप,अम्रत मय धार लुटाती प्यार।
स्तुति पाप हारिणी की, नर्मदा तरण तारिणी की
आरती ब्रह्यचारिणी की,नर्मदा तरण तारिणी की।

कर रही रेवा हर हर स्वर ,तुम्हारा हर कंकण शंकर।
कृपा करती सबके ऊपर, सुधा समनीर सरस जो क्षीर।
न उपमा कृपा वाहिनी की, नर्मदा तरण तारिणी की।
आरती ब्रह्यचारिणी की, नर्मदा तरण तारिणी की।

तीर्थ हैं तट पर पुण्य अनेक, जगाते सबमें प्रेम विवेक।
बनाते जन जीवन को नेक, धरा की शान पुण्य की खान।
ख्याति शुभ सुखति दायिनी की, नर्मदा तरण तारिणी की।
आरती ब्रह्यचारिणी की, नर्मदा तरण तारिणी की।

तपस्वी ऋषि मुनि करते भक्ति, गृहस्थो की मां में अनुरक्ति।
सभी पाते है समुचित शक्ति, प्यार की महक त्याग की चमक।
निशानी सिद्धि दायिनी की ,नर्मदा तरण तारिणी की
आरती ब्रह्यचारिणी की, नर्मदा तरण तारिणी की ।

कुपा कर दो हमको सद्ज्ञान, बढ़ाये हम सब तेरा मान।
चलाये जन हित का अभियान, मिटे असुरत्व बढ़े देवत्व।
विजय हो मोक्ष कारिणी की, नर्मदा तरण तारिणी की ।
आरती ब्रह्यचारिणी की, नर्मदा तरण तारिणी की ।


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