Yuva Chetna Tu Himalaya
Pragya Geet Mala - All Songs

युवा ! चेतना तू हिमालय
युवा! चेतना तू हिमालय शिखर है।
युवा! चेतना सिन्धु की तू लहर है।।
गंगा यमुना-सा गतिशील पानी।
बिस्मिल, भगतसिंह, झाँसी की रानी।।
फिरंगी को जिनने, फिरकरनी बनाया।
युवा! चेतना ऐसा, ढाती कहर है।।
सरदार, वल्लभ, दयानन्द, गाँधी।
युवा! चेतना ऐसी लाती है आँधी।।
चौहान, राणा, शिवा के करिश्मे।
युवा चेतना की कहानी अमर है।।
युवा! चेतना फिर नई क्रांति कर दो।
युवा! हैं वे मदहोश यह भ्रांति हर दो।।
बढ़ो राष्ट्र में फिर नया जोश भर दो।
ज़माने की देखो तुम्हीं पर नज़र है।।
ओ! नौजवानों उठो! नींद त्यागो।
तुम राष्ट्र गौरव, फिर से जगा दो।।
कि संकल्प जिनके, इतिहास गढ़ते।
उछलती हुई चेतना तू प्रखर है।।
मुक्तक :-
युवा वे हैं जिन्होंने, क्रान्ति के इतिहास रच डाले।
युवा वे हैं जिन्होंने, शत्रु के छक्के छुड़ा डाले।।
Pragya song to awakening Youth to realize his original identity - like top of Himalayas.


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Duration : 6:30