Prabhati Koi Dur Ga Raha Hai
Pragya Geet Mala - All Songs

प्रभाती कोई दूर पर गा रहा है

प्रभाती कोई दूर पर गा रहा है।
बढ़ो, सामने युग नया आ रहा है॥

नयी रूप-रेखा बनी जिन्दगी की।
नयी चाँदनी अब खिलेगी खुशी की॥
हृदय प्यार से मानवों का भरेगा।
नमन शत धरा को गगन अब करेगा॥
नया चन्द्रमा शान्ति बरसा रहा है।
नया ज्ञान का सूर्य मुस्का रहा है॥

पगों में सभी के अतुल शक्ति होगी।
मनों में सभी के नवल भक्ति होगी॥
खुला प्यार का स्रोत जी भर नहालो।
नई रागिनी पर नये गीत गालो।
सुधा धार में वेग सा आ रहा है।
तृषित-सा मनुज शान्ति कुछ पा रहा है॥

जगेगी नवल चेतना मानवों की।
मिटेगी असद् कल्पना दानवों की॥
धरा पर नया स्वर्ग बस कर रहेगा।
तुम्हारी कथा विश्व मानव कहेगा॥
कि, इतिहास नूतन रचा जा रहा है।
मनुज देवता अब बना जा रहा है॥
Theme of song shows the value of time.Staring of new era.


Comments

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Rajendra Dave
2018-10-01 17:08:59
vikashraj
2014-10-25 11:04:48
Gayatri mahima
Vijay Hirwani
2014-05-03 15:55:42
savitaDevta Ka Prabhati Kiran Dekho KOi Sandesha Bata Raha Hai "Ome BHaskray Namah....." Pranam .
ashokprasad.verma89@gmail.com
2014-03-11 22:00:25
verry nice
PATEL RAJESHKUMAR
2013-10-16 21:39:01
JAY GAYATRI MAA JAY GURUDEV JAY MATAJI THANKS

2013-10-12 08:39:30
I myself want to start a blog , thanks to you now I can understand the pattern of writing a blog of my own.
Surya
2012-12-30 23:20:17
We are filled with the welcoming note of the Satyug..as the evil is going to be perished soon...and the righteousness (Dharma)will be established in its firm roots..with the spiritual forecast of divinity coming true ..soon
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