Ek Din Hi Ji Magar Insan Bankar Ji
Pragya Geet Mala - All Songs

एक दिन ही जी,मगर इन्सान बनकर जी।

आपदा आये भले,मत छोडऩा संकल्प अपने।
हो सघन मत टूटने, देना कहीं सुकुमार सपने॥
देखना मुडक़र भला क्या?पंख बींधे कण्टकों को।
मत कभी देना महत्ता,मार्ग-व्यापी संकटों को॥
एक दिन ही जी,सफल अभियान बनकर जी!

एक छोटी नाव, उसके ही सहारे पार जाना।
हो भले तूफान राही! सोचना मत, जूझ जाना॥
कष्टï सहकर भी स्वयं, इस विश्व का उपकार कर जा।
छोड़ जा पदचिह्नï अपने, तीर्थ नव-निर्माण कर जा॥
एक दिन ही जी, जगत की शान बनकर जी!

चमक बिजली-सा गगन में, जब कभी छायें घटायें।
बन अडिग चट्टïान! तुझसे, आंधियाँ जब जूझ जायें॥
कुछ नहीं कठिनाइयाँ, विश्वास की ज्वाला जलाले।
युग नया निर्माण करने, की अटल सौगन्ध खा ले॥
एक दिन ही जी,मगर वरदान बनकर जी!

मुक्तक-
जिन्दगी थोड़ी जियें पर शान से-
जूझते जायें सदा तूफान से।
क्या नहीं संभव हुआ संकल्प से-
मौत भी घबरा गयी इन्सान से॥
Songs refers about how to live a life,importance of single day!!! जिन्दगी थोड़ी जियें पर शान से- जूझते जायें सदा तूफान से। क्या नहीं संभव हुआ संकल्प से- मौत भी घबरा गयी इन्सान से॥


Comments

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Dilip kumar saini
2014-09-22 17:42:42
Param pujya gurudev aur vandniya mataji k charno me sadar pranam
arpit tripathi
2013-02-21 15:03:22
ye geet navsari ki yad dilata hai
Surya
2012-12-30 22:49:01
A wonderful thought refining song....enriching our mental framework.....to move on the supreme ideals of humanity
PRAVIN THAKOR
2012-12-05 01:38:57
9624712838
pravin b katona
2012-12-05 01:32:25
vivek singh
2012-02-27 23:43:28
THANKS FOR DOWNLOADING
jayesh
2012-02-07 14:31:04
Beautiful For Thanks loading
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Duration : 3:39