Supta Yug Jagrat Karo
Pragya Geet Mala - All Songs

सुप्त युग जाग्रत करो

सुप्त युग जाग्रत करो, आवाज देकर।
गूँज जायेगी गिरा सन्देश बनकर॥

हर दिशा से रुदन की आवाज आती।
जर्जरित अवसाद से प्रत्येक छाती॥
कामनाओं की पिपासा है सताती।
यह दशा दयनीय मानव की रुलाती॥
तुम बनाओ पथ सुखद-नव जिन्दगी का।
शान्ति पा जाए मनुज उस राह चलकर॥

है प्रथम कत्र्तव्य पीड़ा को मिटाना।
और घावों पर स्वयं मरहम चढ़ाना॥
राह भूले हैं-दिशा उनको बताना॥
हर दु:खी जन को कलेजे से लगाना॥
आज जीने की कला सबको सिखादो।
पीडितों के तुम बनो प्रिय प्राण सहचर॥

बीज नव-निर्माण का श्रम से उगाओ।
नींव के पत्थर बनो खुद को मिटाओ॥
जल उठे दीपक बुझे-वह गान गाओ॥
विश्व का नव कल्प कर दो-जूझ जाओ॥
कल तुम्हारा मूल्य आँका जाएगा-पर।
आज तो सब कुछ लुटा दो मोह तजकर॥
Condition of today's world crisis.Inspirational song for yug nirmani.


Comments

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Harendra Singh
2014-01-27 17:15:18
I like very much.
bholanath mahanand
2012-11-09 18:05:04
i like this
RAM SINGH NAG BASTAR
2012-06-25 12:42:30
MUJHE YE VICHAR BADHIYA BADHIYA LAGE HAI.MISSION HAMARA MAHAN HAI GURUJI MAHAN HAI. SHANTIKUNJ KE LIYE JIYENGE MARENGE...
RAM SINGH NAG
2012-06-25 12:39:37
SHIVU
2012-05-26 10:40:17
I LIKE THIS
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Duration : 3:01