Mile Guru Se Anudan
Pragya Geet Mala - All Songs

मिले गुरु से अनुदान उदार

मिले गुरु से अनुदान उदार, पिया जी भर कर माँ का प्यार।
कि जीवन भर-2 इस एहसान को, हम भुला न पायेंगे।।
सहकर कष्ट अनेक देव ने, हममें किया सुधर।
धोए दोष प्रेम से माँ ने, सब को दिया दुलार।।
उठ रहे मन में यह उद्गार, रचेंगे नया देव परिवार।
कि इस भू पर-2 फिर से, स्वर्गधाम का गौरव लायेंगे।।
ज्योति बने हैं प्राण हमारे, माँ की ममता तेल।
यश पाते लघु प्राण दीप हम, धन्य प्रभु का खेल।।
जलेंगे मन में ले उल्लास, भले ही जग कर ले उपहास।
कि हम घर-घर-2 जाकर, प्रज्ञा का आलोक जगायेंगे।।
सोया पौरुष जाग उठा, जब तुमने दी ललकार।
बिखरा था सद्भाव हमारा, माँ ने दिया सँवार।।
रहा है युग देवता पुकार, बढ़ेंगे चीर मोह की धार।
कि, इस युग को-2 ही हम, सत्युग का आधर बनायेंगे।।
पीड़ा पतन मिटा देने क, शतथ उठाई।
छूकर दर्द तुम्हारा हमको, राह तुम्हारी भाई।।
रचेंगे हम नूतन अभियान, भले ही हो जावें बलिदान।
कि, बलि होकर-2 भी हम कजर्, तुम्हारा चुका न पायेंगे।।

मुक्तक :-
तेरे दरबार में गुरुवर, निराली शान यह देखी।
तुम्हारे प्यार की हमने, अनोखी बानगी देखी।।
पसारा जिसने कर अपना, तेरे दरबार में आकर।
तुझे देते नहीं देखा, मगर झोली भरी देखी।।


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