Sath De Jao Zara Aawaz Tumko De Raha Hoo
Pragya Geet Mala - All Songs

साथ दे जाओ जरा
साथ दे जाओ जरा, आवाज तुमको दे रहा हूँ।
भार उठवाओ जरा, आवाज दे रहो हूँ।।
देख मानवता सिसकती, आँख अपनी भर गयी थी।
मनुज की चीत्कार उर में, घाव गहरा कर गयी थी।।
चीख सुन जाओ जरा, आवाज तुमको दे रहा हूँ।।
और तब से एक क्षण भी, चैन से कब बैठ पाया।
मेटने यह ताप खुद को, सूर्य के व्रत सा तपाया।।
रोशनी लाओ जरा, आवाज तुमको दे रहा हूँ।।
ले लिया संकल्प अब तो, युग बदलने का बड़ा है।
हर कदम पर राह में, लेकिन सखे पत्थर अड़ा है।।
यह सरकवाओ जरा, आवाज तुमको दे रहा हूँ।।
शत्रु है सबसे बड़ा, अज्ञान उसको मारना है।
डूबते जीवन कलश को, डोर थाम उबारना है।।
डोर खिंचवाओ जरा, अवाज तुमको दे रहा हूँ।।
है बड़ा दायित्व सब-कल्मष, कषाय निकालना है।
और करनी सत्य, शिव, सौन्दर्य की प्रस्थापना है।।
प्रिय बदल जाओ जरा, आवाज तुमको दे रहा हूँ।।
मुक्तक :-
नवसृष्ट ने हम सबको आवाज लगाई है।
अरे! मनुजता बिलख रही है, विपदा आई है॥
चलो! अभावों, अज्ञानों से हिम्मत से जूझें।
अनुदानों के प्रतिदानों की वेला आई है॥
Jiji sung on behalf of Gurudev - inviting for support on making human being.


Comments

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Sunil Kumar Choubey
2018-10-07 22:17:56
Nice song
Vivek
2014-07-18 07:26:47
Nice
Nishant.chauhan.UPA
2012-10-02 11:27:20
G
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Duration : 7:25