Lagi Re Lagan
Pragya Geet Mala - All Songs

लागी रे लगन ओ माँ
लागी रे लगन ओ माँ, एक तेरे नाम की॥

भवसागर में भटकी-भटकी, थकी जीव आत्मा।
ज्ञान का दीप जला दो, मिले परमात्मा॥ हे माँ!..
पाई रे शरण तेरी, कृपा श्रीराम की॥

गीत तेरा गाये बिना, भक्ति नहीं जागती।
दिल में बसाये बिना, शक्ति नहीं जागती॥ हे माँ!..
भगवती कहूँ की अम्बा, जुदाई है नाम की॥

मन का सारा मैल धोकर, निर्मल मन कीजिए।
निर्मल बनाकर मन को, सद्बुद्धि दीजिए॥ हे माँ!..
अब न सताये हे माँ, चिन्ता धन धाम की॥

एक तेरे दर्शन खातिर, एक तेरे प्यार में।
ढूँढते फिरे हम तुझको, सारे संसार में॥ हे माँ!..
तुझे नहीं पाया तो यह, दुनियाँ किस काम की॥

ले चल हमें तू हे माँ, जहाँ तेरा वास हो।
सब कुछ दिखाई दे माँ, इतना प्रकाश हो॥ हे माँ!..
अन्तिम अभिलाषा है माँ, पूर्ण विराम की॥

समझ नहीं आती हे माँ, कहाँ तेरा वास है।
जिससे भी पूँछूँ हे माँ, करे परिहास है॥ हे माँ!..
अब तो है आशा केवल, शान्तिकुञ्ज धाम की॥

मुक्तक-
मानव भटक गया है पथ से, लोभ-मोह में भूला है।
कोई पद में, कोई धन में, कोई मद में फूला है॥
हमको माँ तेरे चरणों में, देती मुक्ति दिखाई है।
जिसने सच्चा किया समर्पण, उसने सद्गति पाई है॥
song give review about how lagan,conscious change after working only one direction.


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Dhaniram
2012-12-11 19:05:05
DEAR GAUMATA IS GREAT AND OUR COUNTRY. I LOVE MY SANSKRIT.
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Duration : 8:52