Bhram Ke Bhatkawe Chhodo
Pragya Geet Mala - All Songs

भ्रम के भटकावे छोड़ो
सुनो-सुनो ये बहिन भाइयों, एक बड़े पते की बात।
नये सृजन का समय आ गया, उठो बँटाओ हाथ।।
यों तो करने वाले करते, भारी पूजा पाठ।
लेकिन प्रभु का काम न करते, करते कोरी बात।
बात ही बात न देते साथ।।
भ्रम के भटकावे छोड़ो, कुछ काम प्रभु का कर लो रे।
लुटा रहा युग पुरुष सिद्धियाँ, चाहे झोली भर लो रे।।
सुनो-सुनो युग दूत बुलाता, मत उसको झुठलाओ।
भीतर से सद्भाव जगाता, उस पर ध्यान लगाओ।
अलग-अगल मत भटको भाई, मिलकर कदम बढ़ाओ।
युग विचार युग ऋषि से मिलकर, जन-जन तक पहुँचाओ।।
अवसर अनमोल पकड़ लो रे, अपना प्रयास तो कर लो रे।।
थोड़ी हिम्मत तो कर लो रे।।
जप तप का बस नाम करो ना, सुनते हो कुछ काम करो ना।
मन की मनमानी छोड़ो, प्रज्ञा की राह पकड़ लो रे।।
मत डरना यदि असुर शक्तियाँ, दिखे भयानक भारी।
युग के एक थपेड़े से, ढह जाते अत्याचारी।।
समय-समय पर युग दूतों ने, बिगड़ी बात सँवारी।
प्रज्ञा पुत्रों आगे आओ, आज तुम्हारी बारी।।
मन को मत छोटा होने दो, साहस मत ओछा होने दो।
प्रभु की मर्जी भी होने दो।।
प्रभु की लीला याद करो रे, गिद्ध-ग्वाल-सा शौर्य भरो रे।।
कल की कायरता छोड़ो, बासन्ती चोला रंग लो रे।।
पढ़ते हैं इतिहास तो कहते, काश कि हम भी होते।
हम भी कुछ करके दिखलाते, कभी न अवसर खोते।।
हम ना अवसर खोते भैया, सबसे आगे होते।
उनने केवल गीत न गाये।।
मेरा रंग दे बसन्ती चोला, मेरा रंग दे.......।
उनने केवल गीत न गाये, जौहर दिखा शहीद कहाये।
वे गोली पर भी डटे रहे, तुम गाली से डर रहे अरे।।
कैसी गलती कर रहे अरे।
अपनी गरिमा याद करो ना, काम करो बकवास करो ना।
ढिलमुल ढकोसले छोड़ो, वीरों की राह पकड़ लो रे।।
प्रज्ञायुग आने वाला है, युग ने ली अँगड़ाई।
युग निर्माण योजना लेकर, नया सन्देशा लाई।।
हर मन में देवत्व जगाना, भू पर स्वर्ग बनाना है।
अपना कर सुधार इस जग को, फिर से श्रेष्ठ बनाना है।।
युग ऋषि का सन्देश हृदय में, सबके हमें बिठाना है।
अंशदान कर समयदान कर, घर-घर अलख जगाना है।।
युग वेला है चूक न जाना, शंका में मत समय गँवाना।
शंका डायन को छोड़ो, उल्लास हृदय में भर लो रे।।
प्रज्ञा-पुत्र कहाने वालों, जीवन धन्य बना लो।
जागृत आत्मा बनकर भाई, सोया भाग्य जगा लो।।
साझेदारी प्रभु से कर लो, जो चाहो सो पालो।
ऐसा समय न फिर-फिर आता, आओ लाभ हटालो।।
समझदार कहलाने वालों, नासमझी से हाथ हटा लो।
अपना ओछापन छोड़ो, प्रभु की विशालता वर लो रे।।
नाव बाँधकर इस बेड़े से, खुद भवसागर तर लो रे।।

Song clears that bhatakawa and what to do when their is bhramas bhattakawa.


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Suresh leva
2019-01-09 21:03:32
Chylemia

2012-09-26 12:40:36
Santosh Bharti
2012-09-22 08:58:22
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Duration : 10:49